श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

हमारे देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं पहला श्री सोमनाथ जिसका वर्णन पहले किया जा चूका है। दूसरा ज्योतिर्लिंग है मल्लिकार्जुन। शिवपुराण में मल्लिकार्जुन के प्रादुर्भाव के विषय में जिस कथा का उल्लेख यहाँ किया जा रहा है| आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल पर्वत पर श्रीमल्लिकार्जुन विराजमान हैं। इसे दक्षिण का कैलाश भी कहते हैं।

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

शिव पुराण के अनुसार ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का नाम आता है। अतः यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के महत्व से सम्बंधित कथा है। सोमनाथ भगवान शिव का पूजन करने से रोगों का नाश होता हैं| जिस प्रकार शिव शंकर ने चंद्र देव को रोग मुक्त किया था उसी प्रकार भक्ति भाव से प्रार्थना करने पर भोलेनाथ उपासक के रोग दूर कर देते है।

Powered by WordPress.com.

Up ↑