केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के प्रादुर्भाव की पौराणिक कथा

भगवान विष्णु के नर नारायण अवतार है जो भारतवर्ष के बद्रिकाश्रम तीर्थ में तपस्या करते थे। उन दोनों ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसमे स्थित हो पूजा ग्रहण करने के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की। शिवजी भक्तो के प्रेम के वश में होने के कारण प्रतिदिन उनके बनाये हुए शिवलिंग में पूजित होने के लिए आया करते थे। जब उन दोनों के पूजन करते करते बहुत दिन व्यतीत हो गए

रक्षाबंधन – कथा, विधि, महातम्य, मुहूर्त

पुराणों के अनुसार यदि घर का मुखिया या फिर वह व्यक्ति जो घर की सम्पन्नता के साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों के कुशल मंगल का ख्याल रखें उसे इस रक्षा सूत्र की आवश्यकता होती है। उसके अनुसार आज के ज़माने में भाई और पिता के साथ माताएं, घर की बेटी या फिर बहन सभी यह ज़िम्मेदारियाँ निभा रही है, तो उन्हें भी रक्षासूत्र की आवश्यकता है। इसीलिए इस रक्षाबंधन के त्यौहार में अब बदलाव आवश्यक है।

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